Friday, March 25, 2011

"क्या करें", by चार्नेविश्की

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चार्नेविश्की द्वारा 1864 हर प्रगतिशाल व्यकित के लिए कहे नये ये शब्द जो उन्होनें भविष्य के वर्गहीन समाज
के निर्माण के लिए (Future which is yet to come) और वर्तमान समाज को सुन्दर बनानें के लिए लिखे थे,

"सभी को स्वाधीनता और श्रम का वरदान मिला होता है", और
"श्रम आनन्द को अपनीं शक्ति और ऊर्जा प्रदान  करता है।"
"भविष्य उज्वल और सुन्दर है। उससे प्रेम करो उसकी ओर अग्रसर होओ, उसके लिए काम करो, उसे निकट लाओ। भविष्य की जितनीं बातों को वर्तमान में ला सकते हो, उन्हे लाओ, तुम्हारा जीवन उतना ही उज्वल और भला,  उतना ही हर्षदाई और आनन्दमय होगा, जितना भविष्य तुम आपने वर्तमान में उतार सकोगे; इसी पर जीवन की गरिमा, इसका सुख-सौन्दर्य और सन्तोष निर्भर है।"
- Page-373 Novel "क्या करें", by चार्नेविश्की (Chernyshevsky)

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